Sunday, 17 February 2013

कैसे कहूँ ...???


     
कैसे कहूँ प्यार है तुमसे ...?
दिन कटता है ख्यालों में तेरे ,
रात गुजरती है सपनों में तेरे ,
तेरी ही तस्वीर हर वक़्त आँखों में मेरे ,
कैसे बयाँ करूँ हाल ये तुमसे,
कैसे कहूँ प्यार है तुमसे ...?
तेरी खुसी में अपनी खुसी ढूंढता हूँ ,
तेरी मुस्कान में अपनी हँसी ढूंढता हूँ ,
तेरे गम में अपनी आँखों को रोते देखता हूँ ,
जीवन का हर लम्हा कुर्बान है तुमपे,
कैसे कहूँ प्यार है तुमसे ...?
ख़ुदा के बदले पूजता हूँ तुझको ,
जूनून की हद तक चाहता हूँ तुझको ,
मेरी मुहब्बत का वास्ता है तुझको ,
ज़रा सोच लो इन अल्फ़ाज़ों को दिलसे ,
कितना प्यार करता हूँ तुमसे ,
कैसे कहूँ प्यार है तुमसे ...?

Wednesday, 6 February 2013

****बढ़ता चल ****


   
मन की गहराई को टटोल कर ,
राह की हर मुश्किल को धकेल कर ,
तू बढ़ता चल ,अबिचल ,हरपल ...|
संकटों के पहाड़ हैं  बड़े ,
सिर उठाये पथ पर हैं खड़े ,
सुरवीर बनकर आगे निकल ,
तू बढ़ता चल ,अबिचल ,हरपल  ...|
दुःख के सागर को पार कर ,
तूफानों से न हार कर ,
मन में आशा ,हृदय में विश्वास जगाकर ,
तू बढ़ता चल ,अबिचल ,हरपल ...|
कर्म ही धर्म है ,
कर्म का ही तू सम्मान कर ,
जगत कल्याण के खातिर ,
अपनी ज़िन्दगी न्योच्छावर कर ,
तू बढ़ता चल ,अबिचल ,हरपल ...|