Monday, 14 November 2011

हिम्मत-ए-बयां

देखा  है मैंने तेरे  चेहरे पे,
छिपे हुए अनकही दर्द को,
मुस्कुराने की कोशिश
कितना भी क्यों न  करे तू ,
पढ़ लिया है मैंने वो लफ्ज़ को...........|
अच्छा कोशिश है
दिल की राज़ छुपाने का,
क्या है वो मजबूरी
रोकती है तुम्हे
सच्चाई बयां करने को....|
मत डालो पर्दा
रु-ब-रु हो जाने दो,
दिखादो दुनियाँ को
जो तुम्हे तोड़ते हैं ,
मत करो बहाना
तोड़ दो बंधन गुलामी का.....|
करो हिम्मत,
बयां करो सच्चाई का.........| 

  

Thursday, 10 November 2011

जज्बात!!!!

अनजाने चेहरों  में कोई पहचाना ढूंढता हूँ ,
दुनिया की इस भीड़ में अपने को ढूंढता हूँ...|
राह है सामने मगर राही को ढूंढता हूँ,
साथ हैं कई मगर साथी को ढूंढता हूँ........|
खो गयी है जो आवाज उसको मैं  ढूंढता हूँ,
बिखर गए है जो सपने  उसको मैं संजोता हूँ...|
दिल की गलियों  में बिखरे यादों को ढूंढता हूँ,
बीते हुए हर पल की महक को ढूंढता हूँ...|
मंजिल की तलाश में सुकून को ढूंढता हूँ,
शिखर पर चढ़ने की  जूनून को ढूंढता हूँ....|
खोये हुए हौसले को फिर से मैं ढूंढता हूँ,
टूटे हुए उमंगो को फिर से मैं जोड़ता हूँ....|