Wednesday, 19 October 2011

मुझे उड़ने दो!!!

उड़ने दो मुझे  नीले आसमानों में,
सपनों  को मेरे पंख लगने दो,
सरहदों को आज तोड़ने दो,
लड़ने दो मुझे तूफानों से,खुशिओं को मुट्ठी में भरने दो,
पंख लगा है आज मेरे सपनों को,मुझे उड़ने दो,मुझे उड़ने दो ......|(१)
छूने दो मुझे सूरज को,
हवाओं को मुझे बाँधने दो,
खेलने दो मुझे सागर की लहरों से,
गहराईओं में मुझे डूबने दो,
पंख लगा है आज मेरे सपनो को,मुझे उड़ने दो,मुझे उड़ने दो.....|(2)
नाचने दो मुझे थकने  तक,
आज़ादी  संगीत  मुझे गाने दो,
झूमने दो मुझे बारिस में,
धुप में मुझे तपने दो,
पंख लगा है आज मेरे सपनों को,मुझे उड़ने दो,मुझे उड़ने दो.....|(३)
समेटने दो मुझे यादों को,
दिल की आवाज़ को ज़रा सुनने दो,
मिलने दो मुझे अपनों से,
इंसानों की तरह जीने दो,
पंख लगा है आज मेरे सपनों को,मुझे उड़ने दो,मुझे उड़ने दो....|(४)

  

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