मेरी अभिव्यक्ति को,
बिना समझे,बिना सोचे,
मजाक उड़ाते हो तुम....|
देखकर हैरान हो जाता हूँ मैं,
अपनी अज्ञानता को
कैसे धड़ल्ले से प्रदर्शन करते हो तुम ...|
देखकर शर्मिन्दा होता हूँ मैं,
कैसे अपने बेवकूफी का
वेहैयापन दिखाते हो तुम...|
देखकर दुःख होता है मुझे,
कैसे अपनी नासमझी का
खुद मजाक उड़ाते हो तुम....|
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